गुरु नंदकिशोर श्रीमाली की शोभायात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

गुरु नंदकिशोर श्रीमाली की शोभायात्रा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

बाराद्वार से संवाददाता गणपतलाल चौहान की रिपोर्ट

शिवरीनारायण। अंतर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम साधक परिवार छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित निखिल जन्मोत्सव की पूर्व संध्या गुरु नंदकिशोर श्रीमाली की भव्य शोभायात्रा में सैकड़ों साधक -साधिकाओं द्वारा धर्ममय माहौल में गुरु के जयकारा , कर्मा नृत्य व बैंड बाजा के साथ नाचते-गाते हुए छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धर्म स्थली शिवरीनारायण में भव्य रूप से निकली गई। अपने निर्धारित समय से काफी पहले छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से पहुंचे गुरु चादर ओढ़े  सैकड़ों साधिकाओं द्वारा कलश लेकर अपने गुरु की एक झलक पाने आतुर दिखलाई दे रही थी।सैकड़ों साधक अपने गुरु को भव्य रथ पर आरूढ़ होने के पल का इंतजार कर रहे थे।

शिवरीनारायण के रपटा पुल के  समीप ऐतिहासिक राम मंदिर जब पूज्य गुरुदेव नंदकिशोर श्रीमाली जैसे ही पूजा अर्चना के लिए राम मंदिर  पहुंचे उपस्थित साधक - साधिकाओं के चेहरे खिल उठे और अपने निकटस्थ गुरु को देखकर भाव विभोर हो गुरु का अनवरत जयकारा लगते दिखे। आयोजकों द्वारा एक प्रातिकात्मक रथ पर गुरु को विराज मान कराए तब कर्मा नृत्य के वाद्य यंत्र मृदंग व झांझों की अनुगूंज के साथ ही बैंड बाजा के सुमधुर धुनों से वातावरण गूंजने लगा। साधक - साधिकाएं  खुशी से झूमने लगे और नाचते गाते फिर गुरु रथ के पहिए। धीरे-धीरे चलने लगे। राम मंदिर से देर संध्या निकली भव्य शोभायात्रा को देखने और गुरु की एक झलक पाने उनका आशीर्वाद लेने नगर के छोटे-बड़े व्यवसायियों के साथ नगरवासी भी उत्साहित दिखे।

भव्य पंडाल पर साधकों ने की गुरु वंदना

शोभायात्रा राम मंदिर से मुख्य सड़क अंबेडकर चौक होते हुए रात्रि दस बजे शिविर स्थल मेला ग्राउंड पहुंची।शिविर संचालन के लिये भव्य पंडाल बनाया गया है। जहां गुरुदेव नंदकिशोर श्रीमाली को आयोजक द्वारा बारी-बारी  माल्यार्पण कर नतमस्तक हुए। तत्पश्चात गुरु का आरती-वंदन किया गया और समर्पण गीत गाने के बाद शोभायात्रा सफलतापूर्वक समाप्ति पर गुरुदेव श्रीमाली ने आशीर्वचन दिया। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया।