आदिवासी बाहुल्य दूरस्थ गांव के बच्चे भी अब सीखेंगे कंप्यूटर : पालकों ने उठाया जिम्मा

आदिवासी बाहुल्य दूरस्थ गांव के बच्चे भी अब सीखेंगे कंप्यूटर : पालकों ने उठाया जिम्मा

नगरी से संवाददाता राजू पटेल की रिपोर्ट 

नगरी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यालयीन कक्षागत अन्तःक्रिया के साथ अन्यान्य गतिविधियों में समुदाय की  सक्रिय भागीदारी की बात कही गई है, ताकि विद्यालय को जन चेतना का केंद्र बनाया जा सके। समुदाय बच्चों को न केवल प्राचीन वैश्विक मानवीय मूल्यों से अवगत कराए अपितु  वर्तमान आवश्यकतानुरूप टेक्नोलॉजी की शिक्षा देकर इससे होने वाले सामाजिक एवम वैश्विक परिवर्तन  से भी अनभिज्ञ न रखे। 

मगरलोड विकासखण्ड के संकुल सिंगपुर एवम खड़मा के स्कूलों में अब इसी दिशा में काम शुरू हुआ है। दोनों संकुल के सत्रह स्कूलों में स्मार्ट टी वी के माध्यम से शिक्षण बाद बच्चों के अधिगम स्तर में वृद्धि होने से पालकों का भी मनोबल बढ़ा है। अब यहाँ के पालक अपने स्कूल में कंप्यूटर शिक्षा देने हेतु एक जुट हो रहे है। सत्र प्रारम्भ होते ही सिंगपुर संकुल के प्राथमिक शाला सिरकट्टा में  संकुल प्राचार्य डॉ व्ही पी चन्द्रा के मार्गदर्शन में पालकों की बैठक सम्पन्न हुई। 
इस बैठक में बड़ी संख्या में पालकों ने उपस्थिति देते हुए सर्वप्रथम  विद्यालय में पालक एवम समुदाय की भूमिका को जाना समझा। ज्ञात हो कि सिर कट्टा आदिवासी बाहुल्य  90 घर का गांव है । 

पालकों से निवेदन करते हुए संकुल प्राचार्य ने कहा कि बच्चों को स्कूल भेजने से लेकर सीखने सिखाने और उससे भी आगे जीवन की तैयारी में पालकों की बड़ी भूमिका है। इससे भी आगे आज बच्चों को सबसे ज्यादा जरूरत है संस्कार की । संस्कार की उत्तम शिक्षा  घर परिवार में दी जा सकती है। उन्होंने कई उदाहरणों के माध्यम से विद्यालय के विकास में समुदाय एवम पालकों की भूमिका को स्पष्ट किया। लगातार तीन घण्टे की चर्चा परिचर्चा में पालकों ने एक मतेन निर्णय लिया कि वे हफ्ते में एक बार अनिवार्यतः विद्यालय जाएंगे । इसके अतिरिक्त स्कूली गतिविधियों पर प्रतिदिन चर्चा कर गृह कार्य कराने में मदद करेंगे। प्रतिदिन नैतिक मूल्यों पर चर्चा करेंगे तथा सप्ताह में एक बार स्कूल स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित करेंगे। 

चर्चा परिचर्चा  के दौरान पालकों ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया कि वे विद्यालय के लिये कंप्यूटर की व्यवस्था एक सप्ताह में करेंगे। फिर क्या देखते ही देखते पालकों ने घोषणा करते हुए 25 हजार रुपये की व्यवस्था कर ली। इस राशि से गांव के पालक अपने बच्चों के लिए कंप्यूटर की व्यवस्था करेंगे । पालकों के द्वारा दिनांक 11 जुलाई दिन गुरुवार को जिला एवम विकासखण्ड स्तर के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कंप्यूटर का सेट प्रिंटर सहित  स्कूल को भेंट करेंगे।  

संकुल प्राचार्य के नेतृत्व में पालकों के इस प्रयास को देखते हुए विद्यालय के शिक्षक टिकेश्वर ध्रुव एवम लोमश मरकाम  ने पालकों के समक्ष संकल्प लिया कि वे बच्चों को सिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। आने वाले दिनों में पालकों का प्रयास जरूर रंग लाएगा। 

11 जुलाई को होने वाले कंप्यूटर समर्पण कार्यक्रम के प्रमुख सूत्रधारों में सोमचन्द,प्यारेलाल नेताम, कम्पालाल, कमलेश, श्यामलाल कुंजाम,सुखचंद ,इंद्रकुमार नेताम, विशम्भर नेताम,चैनसिंह मरकाम,दुर्गा,ऐश्वर्या गौर,लता,संतोषी ध्रुव, मानबाई नेताम,शाह बाई मरकाम, सोहद्रा ,कमला बाई कुंजाम,संगीता नेताम,भुनेश्वरी नेताम,शिलोबाई मरकाम,सातो बाई ,सविता नेताम,कविता कुंजाम,सुकोतीन बाई,बिसन्तीन कुंजाम,अघन बाई कुंजाम, किरनबाई कुंजाम,शांति मरकाम आदि के नाम शामिल हैं।