विभिन्न आपराधिक प्रकरणों में विचाराधीन बुधसिंह नेताम को एक वर्ष के लिए कलेक्टर ने किया जिलाबदर

विभिन्न आपराधिक प्रकरणों में विचाराधीन बुधसिंह नेताम को एक वर्ष के लिए कलेक्टर ने किया जिलाबदर

कोंडागांव से संवाददाता मुकेश राठौर की रिपोर्ट

कोंडागांव। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कुणाल दुदावत ने विभिन्न आपराधिक प्रकरणों में विचाराधीन बुधसिंह नेताम को पुलिस अधीक्षक वाय अक्षय कुमार के प्रतिवेदन अनुसार एक वर्ष के लिए जिलाबदर कर दिया है। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार कोंडागांव के फॉरेस्ट कॉलोनी निवासी 42 वर्षीय बुधसिंग नेताम पिता मंगलूराम नेताम के खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के धारा 4, 5 (क) (ख) अंतर्गत प्रकरण प्रारंभ किया गया है। प्रकरण में बुधसिंह नेताम के खिलाफ पुलिस अधीक्षक जिला कोंडागांव के प्रतिवेदन, अभियोजन, साक्ष्य, कथन, प्रकरण में संलग्न आपराधिक चार्ट, नकल जरायम तथा बुधसिंह नेताम द्वारा प्रस्तुत जवाब एवं तर्क पर विचारण किया गया। जिसके अनुसार अनावेदक के विरूद्ध वर्ष 2019 से आपराधिक मामले दर्ज होने एवं प्रतिबंधात्मक कार्यवाही करने के बाद भी आपराधिक कृत्यों में किसी प्रकार का सुधार नहीं किये जाने के संबंध में बताया गया है। जिससे क्षेत्र में अनावेदक के कृत्यों से आम नागरिकों के सामान्य जनजीवन में प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिससे सुरक्षा एवं लोक व्यवस्था बनाये रखने तथा उनके लगातार आपराधिक कार्य को रोकने के लिए जनसाधारण के हित में छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3, 5, 6 के अंतर्गत जिला बदर की कार्यवाही की संस्तुति अनुसार उन पर विभिन्न मामलों में धारा 120 (बी), 147, 148, 149, 342, 395, 440, 458, 384, 34, 294, 506, 186, 353, 34 भा.दं.वि. का मामला पंजीबद्ध है एवं न्यायालय में विचाराधीन है। जिसे देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी ने आपराधिक गतिविधियों को नियंत्रित करने, शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3, 5, 6 के तहत् प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए बुधसिंग नेताम को आगामी 01 (एक) वर्ष के लिए जिला कोण्डागांव, कांकेर, नारायणपुर, बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा एवं धमतरी की राजस्व सीमाओं से हट जाने (जिला बदर) का आदेश जारी किया गया है।

एक सप्ताह के भीतर राजस्व सीमा छोड़ना होगा

बुधसिंह को इस आदेश के जारी होने से एक सप्ताह के भीतर उपरोक्त जिलों की राजस्व सीमाओं से बाहर चले जाने एवं 01 (एक) वर्ष की कालावधि अर्थात् 12 मई 2025 के पहले प्रवेश न करने का आदेश जारी किया गया है। उनके द्वारा उक्त आदेश का पालन न करने पर उन्हें बलपूर्वक उपरोक्त जिलों की सीमाओं से बाहर निकाल दिए जाने हेतु आदेश भी दिए गए हैं। इस आदेश का उल्लंघन करने पर विरूद्ध छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के सुसंगत प्रावधानों के तहत् कार्यवाही करने हेतु निर्देश दिये गये है।