भूपेंद्र किशोर वैष्णव और बबलू साहू एक साल के लिए जिला बदर,कलेक्टर ने जारी किया आदेश

भूपेंद्र किशोर वैष्णव और बबलू साहू एक साल के लिए जिला बदर,कलेक्टर ने जारी किया आदेश

घरघोड़ा से संवाददाता गौरी शंकर गुप्ता की रिपोर्ट

घरघोड़ा। कलेक्टर व जिला दण्डाधिकरी कार्तिकेया गोयल ने 3 जून को आदेश जारी कर भूपेन्द्र किशोर वैष्णव, पिता-डीडी वैष्णव, उम्र-38 वर्ष, निवासी-टाउनहाल के पास, खरसिया, थाना-खरसिया तहसील खरसिया, जिला-रायगढ़ तथा बबलू उर्फ यमराज साहू, पिता-संतराम साहू, निवासी-छातामुड़ा नाका, एफसीआई गोदाम के पास जूटमिल, रायगढ़ चौकी जूटमिल, रायगढ़ को एक साल के लिए जिला बदर कर दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3 एवं 5 (क) एवं (ख)के तहत जिला दण्डाधिकारी न्यायालय में चल रहे न्यायिक प्रकरण में यह आदेश पारित किया है। आदेश में उल्लेख है कि जब तक यह आदेश लागू रहेगा भूपेन्द्र किशोर वैष्णव एवं बबलू उर्फ यमराज साहू को चौबीस घंटे के भीतर जिला-रायगढ़ तथा समीपवर्ती जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा एवं जशपुर जिले के क्षेत्र से एक वर्ष के लिए बाहर जाना होगा। भूपेन्द्र किशोर वैष्णव एवं बबलू उर्फ यमराज साहू को उक्त अवधि में बिना वैधानिक अनुमति लिए इन जिलों की सीमा में प्रवेश नहीं करना है। इस आदेश का तुरंत पालन किया जाना होगा। पालन नहीं करने पर भूपेन्द्र किशोर वैष्णव एवं बबलू उर्फ यमराज साहू के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।

गौरतलब है कि पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर यह पाया गया कि भूपेन्द्र किशोर वैष्णव धोखाधड़ी, फर्जी पत्रकार बनकर रूपये की उगाही कर लोगों को ब्लैक मेलिंग करने, शासकीय कर्मचारियों पर हमला एवं अजजा/जजा के प्रकरण सामाजिक वैमन्यस्यता उन्माद बढ़ाने तथा मारपीट के प्रकरण पंजीबद्ध है। भूपेन्द्र किशोर वैष्णव वर्ष 2001 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहा है। उसके विरूद्ध कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत लगातार कार्यवाहियां भी की गई है, फिर भी उसके आचरण में कोई असर परिलक्षित नहीं हुआ है। जिससे जनसामान्य एवं समाज में तीव्र आक्रोश व्याप्त है तथा कानून व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके आपराधिक कृत्यों में विधिक तरीके से कार्यवाही किए जाने के बावजूद सुधार की कोई अन्य विकल्प नहीं होने से छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 के अंतर्गत कार्यवाही अमल में लाया जाना नितांत आवश्यक हो गया है। पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा भूपेन्द्र किशोर वैष्णव के विरूद्ध छ.ग.राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 3 एवं 5 (क)एवं (ख)के प्रावधानों के तहत कार्यवाही करने हेतु प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है।

इसी तरह बबलू उर्फ यमराज साहू वर्ष 2017 से अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहकर धोखाधड़ी, आबकारी एवं एनडीपीएस एक्ट से संबंधित अपराध घटित करते आ रहा है। उसके विरूद्ध चौकी जूटमिल में विभिन्न आपराधिक प्रकरण दर्ज है। उक्त कार्यवाहियों के बावजूद बबलू उर्फ यमराज साहू के आचरण में कोई सुधार नहीं हुआ। उसके आपराधिक आचरण के कारण आम जनता में असुरक्षा एवं भय का माहौल बना हुआ है और जनसामान्य एवं समाज में तीव्र आक्रोश व्याप्त है तथा कानून व्यवस्था पर प्रतिकुल प्रभाव पड़ रहा है। इसके आपराधिक कृत्यों में विधिक तरीके से कार्यवाही किए जाने के बावजूद सुधार की कोई अन्य विकल्प नहीं होने से छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की अंतर्गत कार्यवाही अमल में लाया जाना नितांत आवश्यक हो गया है। पुलिस अधीक्षक रायगढ़ द्वारा मुकेश अग्रवाल के विरूद्ध छ.ग.राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 धारा 3 एवं 5 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही करने हेतु प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है।

इसके पश्चात कलेक्टर व जिला दण्डाधिकारी गोयल ने आदेश पारित किया कि अनावेदक लगातार अपराधिक कृत्य में संलग्न होकर अपराधिकृत प्रवृत्ति का व्यक्ति है जिससे कानून व्यवस्था एवं लोक व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अत: राज्य सुरक्षा अधिनियम के उक्त प्रावधान के तहत उसे जिले से निष्कासित किए जाने का पर्याप्त कारण है। अत: राज्य की सुरक्षा व कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए भूपेन्द्र किशोर वैष्णव एवं बबलू उर्फ यमराज साहू को इस जिला तथा समीपवर्ती जिलों से निष्कासित किया जाना अति आवश्यक हो गया है। अतएव भूपेन्द्र किशोर वैष्णव एवं बबलू उर्फ यमराज साहू को रायगढ़ जिले तथा समीपवर्ती जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती, बलौदा बाजार, महासमुंद, जांजगीर-चाम्पा, कोरबा एवं जशपुर जिले की सीमाओं से एक वर्ष की अवधि के लिए निष्कासित किया जाता है। भूnपेन्द्र किशोर वैष्णव एवं बबलू उर्फ यमराज साहू को आदेश पारित होने के 24 घंटे के भीतर उक्त जिलों की सीमा से बाहर जाना होगा।