अश्विन का 'आईसीसी' पर बड़ा हमला: "2026 टी20 वर्ल्ड कप कोई नहीं देखेगा"; टूर्नामेंट के भविष्य पर खड़े किए सवाल

अश्विन का 'आईसीसी' पर बड़ा हमला: "2026 टी20 वर्ल्ड कप कोई नहीं देखेगा"; टूर्नामेंट के भविष्य पर खड़े किए सवाल

नई दिल्ली। पूर्व भारतीय ऑफ-स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आयोजन से ठीक पहले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) को एक कड़ी चेतावनी जारी की है। अश्विन का मानना है कि आईसीसी टूर्नामेंट्स की अत्यधिक संख्या और टीमों के बीच गुणवत्ता के बढ़ते अंतर के कारण इस बार दर्शकों की रुचि बहुत कम रहने वाली है।

अश्विन के तीखे बयान के मुख्य अंश:

  1. एकतरफा मैचों से बोरियत: अश्विन ने तर्क दिया कि शुरुआती दौर में भारत बनाम अमेरिका या भारत बनाम नामीबिया जैसे एकतरफा मैच प्रशंसकों को टूर्नामेंट से दूर कर देंगे। उन्होंने कहा, "भारत पहले राउंड में इंग्लैंड या श्रीलंका से खेलता था, तो ज्यादा मजा आता था।"

  2. वर्ल्ड कप का गिरता स्तर: अश्विन के अनुसार, पहले वर्ल्ड कप हर चार साल में एक बार होता था, जिससे स्वाभाविक रूप से उत्सुकता बनी रहती थी। अब हर दो साल में टी20 वर्ल्ड कप होने से इसका 'मार्की' स्टेटस (प्रतिष्ठा) खत्म हो गया है।

  3. फीफा का उदाहरण: उन्होंने सुझाव दिया कि आईसीसी को फीफा (FIFA) के मॉडल को अपनाना चाहिए, जहाँ विश्व कप चार साल में एक बार होता है और उसका अपना एक अलग महत्व होता है।

टूर्नामेंट का विवरण (T20 World Cup 2026):

  • मेजबान: भारत और श्रीलंका

  • तारीख: 7 फरवरी 2026 से 8 मार्च 2026 तक।

  • टीमें: इस बार कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें 5-5 के चार समूहों में बांटा गया है।

  • उद्घाटन मैच: मेजबान भारत अपना पहला मैच 7 फरवरी को अमेरिका (USA) के खिलाफ खेलेगा।

विशेषज्ञों और फैंस की राय

अश्विन के इस बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि खेल को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए छोटी टीमों (Associate Nations) को शामिल करना जरूरी है, वहीं अश्विन जैसे सीनियर खिलाड़ियों का मानना है कि 'ओवरकिल' (जरूरत से ज्यादा क्रिकेट) के कारण दर्शक 'व्यूअर फटीग' (थकान) का शिकार हो रहे हैं।