ब्रेकिंग न्यूज़: सागर टीएमटी में एक मजदूर की मौत, दूसरे तीन उंगली कटी, दो मजदूर सुलझे, प्रबंधन कह रहा यह छोटी-मोटी घटनाएं

ब्रेकिंग न्यूज़: सागर टीएमटी में एक मजदूर की मौत, दूसरे तीन उंगली कटी, दो मजदूर सुलझे, प्रबंधन कह रहा यह छोटी-मोटी घटनाएं

छत्तीसगढ़ डेस्क

 यज्ञ सिंह ठाकुर( चैनल इंडिया )
रायपुर। लापरवाही और असंवेदनशील पर्याय बन चुकी सागर टीएमटी जहां आए दिन दुर्घटनाएं होना आम बात हो गई है। मजदूरों से यहां यहां इस तहत काम लिया जाता है कि जानवरों को भी यह गुमान हो जाए कि इनसे तो अच्छे हम हैं। 
सेफ्टी के नाम पर किसी प्रकार की कोई सुविधा मजदूरों के लिए उपलब्ध नहीं। ठेकेदार श्रम विभाग और मानवाधिकार के सारे नियमों को दरकिनार रख कंपनी में अपनी मनमानी चला रहे हैं। काम पर नहीं जाने पर मजदूरों से जबरदस्ती और हाथापाई की जाती है। इसके चलते मजदूर भी सहमे हुए हैं। अगर कोई इसका विरोध कर दे तो उसे काम निकाल दिया जाता है। इसलिए कोई कंपनी के खिलाफ आवाज भी नहीं उठा पाता। यह बात सबको पता है, शिवाय श्रम विभाग के।

तीन घटनाएं पुलिस के संज्ञान में नहीं, अस्पताल प्रबंधन भी ऐसों का चुपचाप उपचार कर रहा 

इस संबंध में जब सागर टीएमटी के प्रबंधक जीएम से बात की तो उन्होंने असंवेदनशीलता की सारी हदे लांघ दी। 15 दिन के अंदर कंपनी के अंदर चार-चार घटनाएं घट चुकी और जीएम का कहना था कि यह तो छोटी-छोटी घटनाएं हैं, होती रहती है। वहीं तीन घटनाएं के संबंध में उरला पुलिस को भी जानकारी नहीं है। चैनल इंडिया ने ग्राउंड रिर्पोटिंग की तो कई खबर छनकर बाहर आई पढि़ए...

बता दें कि गुमा स्थित अलंकार (सागर टीएमटी) कंपनी है। 5 जनवरी को एक मजदूर भट्टी में झुलस गया। उसका आधा शरीर चल चुका है। वहीं दूसरे मजदूर दशमी उम्र 30 उत्तरप्रदेश गाजीपुर, ग्राम तिलठिया की मौत 18 जनवरी को हो गई। तीसरे मजदूर दिनेश दास भट्टी की रडार में आने से पैर जल गया। चौथी घटना 21 जनवरी को संतोष पुरैना पिता कुंजन पुरैना उम्र 38 गुमा के हाथ की तीन उंगलिया हथेली से अलग हो गई। वर्तमान में उसका इलाज महोबा बाजार के उपाध्याय हास्पिटल में जारी है। इन चार घटनाएं 15 दिनों के अंदर घटित हुई  और यहां के प्रबंधन का कहना है कि ये छोटी घटनाएं। एक मजदूर की जान चली गई और कहता है कि छोटी घटना है। 

एक हफ्ते में चार घटनाएं

पैर में सरिया घूसने से मजदूर दशमी की मौत
18 जनवरी को मजदूर दशमी उम्र 30 उत्तरप्रदेश के गाजीपुर के ग्राम तिलठिया की मौत हो गई। बताया जाता है कि फैक्ट्री में कार्य करते समय गर्म सरिया उसके जांघ के आरपार हो गई। जहां सुयश अस्पताल में मजदूर की मौत हो गई। परिजनों ने बताया है कि मुआवजा के रूप में 15 लाख रुपए देने की बात कही गई है। 

मजदूर संतोष पुरैना की तीन उंगली कट गई
21 जनवरी की रात में ड्यूटी के दौरान मजदूर संतोष पुरैना पिता कुंजन पुरैना उम्र 38 गुमा के हाथ की तीन उंगली शरीर से अलग हो चुके हैं। वर्तमान में इलाज महोबा बाजार के उपाध्याय हास्पिटल में जारी है। परिजनों ने बताया है कि विगत 6-8 साल से संतोष अलंकार टीएमटी  फैक्ट्री में सेवा दे रहा है। लेकिन अभी तक उन्हें ईपीएफ और आईईएस का लाभ नहीं मिल रहा है। अभी भी कंपनी तरफ से कोई मुआवजा की बात सामने नहीं आई है। अब संतोष अपाहिज हो चुका है। अब वह पूरी जिंदगी हार्ड काम करने में असमर्थ हो गया है। उसके दो बच्चे, पत्नी और सामने पेट भरने की चिंता व्याप्त हो गई है। 

भट्ठी में दो मजदूर सुलझे 
5 जनवरी को एक मजदूर कार्य के दौरान भट्टी की रडार में आ जाने से शरीर के आधा हिस्सा जल गया है। वर्तमान में उसका इलाज उपाध्याय हास्पिटल में चल रहा है। वहीं दूसरे मजदूर दिनेश दास भट्टी में काम करने के दौरान उसका एक पैर भट्टी के रडार में आने से  झुलस गया है। फिरहाल वह अभी आराम कर रहा है। उन्होंने बताया कि 5 जनवरी की रात्रि में फैक्ट्री में कार्य करने के दौरान घटना घटी, उपाध्याय हास्पिटल में इलाज चल रहा है। 

सेफ्टी सुरक्षा का पालन नहीं
मजदूरों ने बताया कि कंपनी में लगभग 1000 मजदूर कार्य करते हैं। लेकिन कंपनी मजदूरों को किसी प्रकार की कोई सुरक्षा सेफ्टी नहीं दी जाती है। जिससे यहां आए दिन कोई न कोई घटना होती रहती है। जहां मजदूर 10-10 साल से सेवा दे रहे उसे किसी प्रकार की सरकारी योजना का लाभ नहीं दी जा रही है। बिना सुरक्षा व्यवस्था के मजदूरों से काम लिया जा रहा है। हेलमेट, शूज, चश्मा, गलब जैसी सुविधाओं के लिए मजदूर मोहताज है। 

श्रम विभाग मूकदशक बने
श्रम विभाग निरीक्षण समय-समय में करते तो शायद यह विरोधाभास तस्वीर देखने को नहीं मिलती और घटना में इजाफा नहीं होती, लेकिन श्रम विभाग के आलाधिकारी इन इंडस्ट्रियल एरिया में निरीक्षण करते कंपनी तो इस तरह लापरवाही को पकड़ा जा सकता था, लेकिन श्रम विभाग को इन मजदूरों से कोई जनसरोकार नहीं है। 

लेट लतीफी से मजदूर की मौत
मजदूरों ने बताया कि समय पर यदि अस्पताल ले जाते तो मजदूर बच सकता था, लेकिन एंबुलेंस के आधा घंटे लेट में आने से मजदूर के पैर से काफी खून निकल चुका था। घटना स्थल पर पैर से सरिया को निकाल दिया। यदि सरिया को डॉक्टर ऑपरेशन से निकालते तो इतना ब्लड नहीं निकलता।

तीनों घटनाएं की जानकारी पुलिस को नहीं
15 दिन के अंदर सागर टीएमटी में तीन घटनाएं हो चुकी है, लेकिन इसकी जानकारी अभी तक पुलिस के संज्ञान में नहीं (एमएलसी) होने के बावजूद अस्पताल प्रबंधक तक इसकी जानकारी पुलिस को देना जरूरी नहीं समझा। जबकि सामान्य सी घटना पर अस्पताल प्रबंधन पहले पुलिस को जानकारी देने की बात कहती है। फिर ऐसे में इन पीडि़तों का उपचार बिना पुलिस को जानकारी दिए कैसे कर रहा इस पर संदेह जाता है। 
  
रमेश शर्मा, प्रबंधक सागर टीएमटी
18 जनवरी को कंपनी में एक हादसा हो गया था, जिसमें मजदूर की मौत हो गई थी। श्रम विभाग के नियम के अनुसार कंपनी ने मृतक परिवार को 15-16 लाख रुपए की आर्थिक मदद दी गई है। 21 जनवरी को एक मजदूर के हाथ की तीन उंगली कट गई, उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। कंपनी में छोटी-छोटी घटनाएं होती रहती है, कोई लेवर के पीछे थोड़ी दिन भर रहेगा। 

सुरेश ध्रुव, टीआई थाना उरला
मुझे 18 जनवरी की घटना ही मालूम है, जिसमें एक मजदूरी की मौत हो गई है। बाकि की घटना में मेरे संज्ञान में नहीं है। यदि रोलिंग मिल में इस तरह की लगातार घटना घट रही है, तो निश्चित संदेह के दायरे में है, नोटिस जारी करते हैं। अगर लापरवाही की गई है तो निश्चित रूप से कार्रवाई होगी।