खबरे अब तक

देश-विदेश

पढ़िये इस आशिक मिजाज दरोगा की कहानी…..



18 मर्च 2021 उत्‍तर प्रदेश के बस्‍ती में एक दारोगा ने अपने पद और पॉवर के दुरुपयोग की हद पार कर दी। दारोगा ने लॉकडाउन में चेकिंग के बहाने एक लड़की को रोका, मॉस्‍क न पहनने पर टोका और फिर मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद वह लड़की को अक्‍सर फोन करने लगा। मैसेज भी भेजने शुरू कर दिए।

जब ये मैसेज और बातचीत बर्दाश्‍त के बाहर हो गई तो लड़की ने एतराज कर दिया। इसके बाद दारोगा ने लड़की के भाईयों और अन्‍य सगे-सम्‍बन्धियों के खिलाफ मुकदमों का ऐसा जाल बिछा़या कि परिवार बूरी तरह परेशान हो उठा। लड़की ने सबूतों के साथ पुलिस के आला अफसरों से शिकायत की तो दारोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया। लेकिन लड़की और उसके परिवार को लगा कि पुलिस मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रही है।

लिहाजा, लड़की ने महिला आयोग से मामले की शिकायत की। महिला आयोग की सख्‍ती के बाद दारोगा को सस्‍पेंड करके मामले पर जांच बिठा दी गई है। हालांकि पुलिस के वरिष्‍ठ अधिकारियों का कहना है कि दारोगा ने लड़की को फोन करके और गांव में विवाद की सूचना मिलने पर बिना फोर्स अकेले जाने की गलती जरूर की लेकिन लड़की के परिवार के खिलाफ दर्ज मुकदमे बिल्‍कुल सही हैं।

इसे भी पढ़े   शादी की तारीख आगे बढ़ने पर युवती ने लगाई फांसी

उधर, लड़की का आरोप है कि दारोगा उससे फोन पर गंदी बातें करता था। मैसेज भी भेजता था। लड़की ने आईजी से इस मामले की शिकायत करते हुए अपने परिवार की रक्षा की गुहार लगाई है। लड़की के मुताबिक इस सिलसिले की शुरुआत लॉकडाउन के दौरान हुई थी। वह बुआ के लड़के के साथ बाइक से दवा लेने जा रही थी। इसी दौरान कोतवाली क्षेत्र के सोनूपार पुलिस चोकी इंचार्ज दीपक सिंह ने चेकिंग के नाम पर बाइक रोकी। दोनों से पूछताछ की। मॉस्‍क न पहनने पर फटकार लगाई और लड़की से उसका मोबाइल नंबर मांगा। लड़की ने भाई का मोबाइल नंबर दे दिया तो चौकी इंचार्ज ने जोर देकर उसका मोबाइल नंबर मांगा।

इसे भी पढ़े   paytm को google play store से हटाया गया, दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के कारण की गई कार्यवाही