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प्रयागराज के MP-MLA कोर्ट की चिट्ठी, जिससे उड़ी हुई है माफिया मुख्तार अंसारी और उसके रहनुमाओं की नींद



प्रयागराज/लखनऊ
उत्तर प्रदेश की मऊ सीट से विधायक माफिया () एक बार फिर लगातार सुर्खियों में है। फिलहाल पंजाब की में बंद मुख्तार को उत्तर प्रदेश वापस लाने की कवायद चल रही है। ने मेडिकल रिपोर्ट को आधार बनाकर मुख्तार को यूपी पुलिस को सौंपने से इनकार कर दिया। दरअसल, एक चिट्ठी ही मुख्तार और उसके रहनुमाओं के लिए आफत बन गई है।

मुख्तार के खिलाफ यह नोटिस 2014 में एक मर्डर से जुड़े मामले में जारी हुआ है। प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट के स्पेशल जज ने रोपड़ जेल के अधीक्षक और सीनियर पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखा है। 12 अक्टूबर 2020 की तारीख में मुख्तार के गाजीपुर के मोहम्मदाबाद स्थित घर का पता दर्ज है।

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फरवरी 2014 में आजमगढ़ जिले के तरवां थाना क्षेत्र के ऐराकला गांव में निर्माणाधीन एक सड़क के ठेके को लेकर एक मजदूर की हत्या कर दी गई थी। वर्चस्व की लड़ाई में मुख्तार गैंग की तरफ से घटना को अंजाम दिया गया था। इस मामले में मुख्तार अंसारी सहित अन्य के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। इसके सिलसिले में पुलिस को मुख्तार को पेश कराना है।

सुप्रीम कोर्ट का नोटिस लेकर बीएसपी विधायक मुख्तार अंसारी को यूपी लाने पहुंची गाजीपुर पुलिस को पंजाब की रोपड़ पुलिस ने खाली हाथ वापस भेज दिया। यूपी पुलिस द्वारा लाए गए सुप्रीम कोर्ट का नोटिस लेने के बाद रोपड़ जेल अधीक्षक ने इसका जवाब सर्वोच्च अदालत में दाखिल करने की बात कही और गाजीपुर पुलिस को वापस भेज दिया।

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पहले भी खाली हाथ लौट चुकी है यूपी पुलिस
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब अंसारी को लाने पहुंची गाजीपुर पुलिस को रोपड़ से खाली हाथ वापस आना पड़ा है। इससे पहले बीते साल 11 अक्टूबर को प्रयागराज के एमपी-एमएलए कोर्ट में अंसारी की पेशी के लिए गाजीपुर पुलिस रोपड़ गई थी। तब मेडिकल बोर्ड ने अंसारी को काफी अस्वस्थ बताकर उसे तीन महीने के लिए बेड रेस्ट की सलाह दी थी। इस वजह से गाजीपुर पुलिस को बिना अंसारी के वापस आना पड़ा था।

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मुख्तार अंसारी को साल 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले यूपी के बांदा से पंजाब की रोपड़ जेल में शिफ्ट किया गया था। उस पर पंजाब में रंगदारी के एक मामले में केस दर्ज कराया गया था। मामले को लेकर राजनीति भी तेज होने लगी है। बीजेपी और कांग्रेस के आरोप-प्रत्यारोप के बीच उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी एके जैन ने भी मुख्तार अन्सारी को संरक्षण देने का आरोप पंजाब पुलिस पर लगाया है।