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नशे की लत युवाओं को बना रही अपराधी….आखिर कब बंद होगा ये नशे का कारोबार



रायपुर। राजधानी में पुुलिस अपराधियों पर नकेल कसने के लिए दिन रात मशक्कत कर रही है, वहीं पुलिस को चकमा देकर या सांठगांठ कर छुटभैया नेताओं के सिंडीकेट के दबाव में हर रात किसी न किसी के बहाने पार्टी हो रही है। होटल मालिक कमाई के लालच में बिना अनुमति के नाइट पार्टियां आर्गनाइज कर युवक-युवतियों को आकर्षक आफर देकर होटलों की रातों को रंगों से सराबोर कर रहे है। शौक पूरा करने और टशन बनाए रखने के लिए युवक गलत रास्ते में कदम रख चुके है। घर के महंगे नशे के लिए पैसा नहीं मिलने पर लूट, छिताई, चोरी को अंजाम देकर उन पैसों से अय्यासी कर रहे है। पिछले तीन दिनों से हर रात शराब और शबाब के शौकीनों की महफिल वीआईपी रोड सहित शहर के होटलों में वीकेंड पार्टी चल रही है, सिटी में नशे के सौदागरों ने पूरी तरह पैर पसार लिया हैं। उनके जाल में फंस रहे युवा, नशे की लत के कारण जिंदगी दांव पर लगा चुके हैं। वीआईपी रोड की होटलों में आयोजित हो रही पार्टियों के आमंत्रण के लिए नशे के सौदागरों ने सोशल मीडिया को अपना अड्डा बना लिया है। रायपुर के युवाओं में नशे का ट्रेंड भी बदल गया है। पहले जहां शराब, हुक्का, कफ सिरफ, टैबलेट, गांजा आदि का सेवन अधिक किया जाता था, अब इसकी जगह पर बड़े घरों के युवा कोकीन, ब्राउन शुगर आदि का डोज लेने लगे हैं। नशे का सेवन कर रहे युवा अंधेरे खाई में डूबते जा रहे हैं, जहां से वापसी का कोई रास्ता ही नहीं है। राजधानी में नशे की पार्टी का क्रेज़ एक बार फिर से युवाओं में खुमार बनाकर चढ़ा है। युवाओं में वीआईपी रोड की महंगी होटलों में नजऱे जमी हुई है। और हर दिन यहा हज़ारों युवा यहा पार्टी करने आते है। ड्रग्स, अफीम और डोडा का कारोबार जोर-शोर से चले जा रहा है। वही वीआईपी रोड की होटलों में नशे की पार्टी का आयोजन होने लगा है। शनिवार और रविवार की वीकेंड के मौके पर युवाओं ने रात-भर जमकर पार्टी की और नशे में मदहोश होकर झूमते रहते है। सिर्फ होटलों नहीं बल्कि रेस्टोरेंटो, ढाबों और क्लबों में भी नशे की पार्टी आयोजित की जाती है। वहां चोरी छिपे शराब पिलाने के साथ अफीम-डोडा और गांजा भी उपलब्ध कराया जाता है।
नशा कब होगा बंद नशे का कारोबार कब होगा बंद ? युवा पीढ़ी नशे के दलदल से आखिर कब बाहर निकलेगी ? आज नशा पूरी शहर के लिये चुनौती बना हुआ है। काफी पाबंदी के बाद भी लोग इसकी आगोश में आते जा रहे हैं। जिसका सीधा असर युवाओं पर साफ पड़ता दिख रहा है। नशे की समस्या से रायपुर भी अछूता नहीं रहा है। बल्कि यहां तो नशे के व्यापार में महिलाओं का नाम भी खुलकर सामने आ रहा है। शहर में गांजा, अफीम आदि नशे का कारोबार तेजी बढ़ रहा है। जिससे युवा पीढ़ी की गिरफ्त में आती जा रही है। ढाबे में ज्यादातर ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोग या बड़ी गाडिय़ां चलाने वाले आते हैं। घरों से बाहर रहकर पढऩे वाले भी कई छात्र-छात्राएं अक्सर ढाबे में नशा करने ही पहुंचते है। नशे के सौदागर भी युवतियों में नशे का ट्रेंड देखकर ही अफीम, ड्रग्स बेचने के लिए महिलाओं और युवतियों का सहारा लेते है।

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