कोरोना का नया स्‍ट्रेन कुछ भी नहीं, ऊदबिलाव का यह वायरस फैला तो गजब ही हो जाएगा – Channelindia News
Connect with us

BREAKING

कोरोना का नया स्‍ट्रेन कुछ भी नहीं, ऊदबिलाव का यह वायरस फैला तो गजब ही हो जाएगा

Published

on

नवंबर की शुरुआत में, डेनमार्क ने अपने यहां के सभी ऊदबिलावों (Mink) को मारने का आदेश दिया। देश के फर फार्म्‍स में ब्रीड किए गए करीब 1.7 करोड़ ऊदबिलावों को मौत के घाट उतारा गया। ऐसा इसलिए क्‍योंकि कुछ ऊदबिलावों में कोविड-19 वायरस मिला था। इसके बाद उनमें कोरोना वायरस का म्‍यूटेशन हुआ। डेनमार्क के अधिकारियों को डर था कि अगर म्‍यूटेटेड वायरस इंसानों में फैलने लगा तो यह वैक्‍सीन को धता बता सकता है। ऊदबिलाव या Mink एक तरह का मांसाहारी जीव होता है जिसे उसके फर के लिए ब्रीड किया जाता है। डेनमार्क इसका सबसे बड़ा उत्‍पादक है और वहीं पर ऊदबिलावों में सबसे ज्‍यादा कोविड मामले सामने आए हैं।

Corona in Mink: खेतों में पाए जाने वाले ऊदबिलाव से लेकर जंगली ऊदबिलाव तक, फिर दूसरे जंगली जानवरों में संक्रमण… एक बार कोरोना वायरस प्रकृति में अपनी पैठ बना लेगा तो यह बार-बार आने वाली महामारी बन जाएगी।

कोरोना का नया स्‍ट्रेन तो कुछ भी नहीं, जंगली ऊदबिलाव में फैला वायरस तो बार-बार लौटेगी महामारी

नवंबर की शुरुआत में, डेनमार्क ने अपने यहां के सभी ऊदबिलावों (Mink) को मारने का आदेश दिया। देश के फर फार्म्‍स में ब्रीड किए गए करीब 1.7 करोड़ ऊदबिलावों को मौत के घाट उतारा गया। ऐसा इसलिए क्‍योंकि कुछ ऊदबिलावों में कोविड-19 वायरस मिला था। इसके बाद उनमें कोरोना वायरस का म्‍यूटेशन हुआ। डेनमार्क के अधिकारियों को डर था कि अगर म्‍यूटेटेड वायरस इंसानों में फैलने लगा तो यह वैक्‍सीन को धता बता सकता है। ऊदबिलाव या Mink एक तरह का मांसाहारी जीव होता है जिसे उसके फर के लिए ब्रीड किया जाता है। डेनमार्क इसका सबसे बड़ा उत्‍पादक है और वहीं पर ऊदबिलावों में सबसे ज्‍यादा कोविड मामले सामने आए हैं।

इसे भी पढ़े   कोरोना एलर्ट : कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीण क्षेत्रों में दौरा कर लोगों को दी आवश्यक समझाईश,  जिले के थाना-चौकी की पुलिस लगातार कर रही पेट्रोलिंग

अगर जंगल में फैल गया वायरस तो…
अगर जंगल में फैल गया वायरस तो...

डेनमार्क के ऊ‍दबिलावों को मारने के साथ ही वायरस का वह रूप खत्‍म नहीं हुआ। अप्रैल में नीदरलैंड्स, जून में डेनमार्क, फिर स्‍पेन, इटली, लिथुएनिया, स्‍वीडन, ग्रीस, कनाडा और अमेरिका में भी फैला। फार्म वाले ऊदबिलावों में कोरोना वायरस कम से कम नौ देशों में पाया जा चुका है। अमेरिका में यह पहला केस अक्‍टूबर में आया था। वायरस के जंगल में फैलने का डर भी सच साबित हुआ। 13 दिसंबर को अमेरिका के ऊटा में एक कोविड संक्रमित जंगली ऊदबिलाव पाया गया। जंगल में वायरस कितना फैला है, इसका पता अभी नहीं है। लेकिन अगर ये और फैला तो मुसीबत आनी तय है। हर बार हम महामारी को वैक्‍सीन और लॉकडाउन्‍स से काबू में लाएंगे, वह जंगल से फिर फैलेगा। यानी इंसानों में बार-बार संक्रमण के मामले सामने आने लगेंगे।

इसे भी पढ़े   छत्तीसगढ़ तबादला ब्रेकिंग - छत्तीसगढ़ में कई आयकर अफसरों का हुआ तबादला….

इनसे म्‍यूटेशंस का खतरा बढ़ा
इनसे म्‍यूटेशंस का खतरा बढ़ा

इंसानों और ऊदबिलावों के बीच जितनी बार वायरस का आदान-प्रदान होगा, एक खतरनाक म्‍यूटेशन की संभावना बढ़ जाती है। नए ‘यूके स्‍ट्रेन’ में दिखा एक बदलाव ऊदबिलाव में मिले वायरस वैरियंट में पहले ही दिख चुका था। ऐसे संक्रमण की संभावना ज्‍यादा है क्‍योंकि ऊदबिलावों को श्‍वसन तंत्र में इन्‍फेक्‍शन का ज्‍यादा खतरा रहता है। अगर किसी फार्म वर्कर को कोविड हो और वह बाड़े के पास खांसे या छींक दे तो पूरे फार्म के ऊदबिलावों में वायरस फैलने में समय नहीं लगता।

वैक्‍सीन का असर भी हो जाता है कम
वैक्‍सीन का असर भी हो जाता है कम

वायरस का म्‍यूटेशन हर समय जारी रहता है। बीबीसी के अनुसार, ऊदबिलाव के भीतर वायरस में हुए बदलाव इंसानों तक नहीं पहुंचे। लेकिन बदलावों का एक सेट जिसे ‘क्‍लस्‍टर 5’ कहा गया, वह डेनमार्क के 12 लोगों में फैला। इसके अलावा 200 अन्‍य लोगों में भी ऊदबिलाव वाले वायरस के थोड़े परिवर्तित रूप पाए गए। क्‍लस्‍टर 5 चिंता की वजह बन चुका है क्‍योंकि इसमें उस स्‍पाइक प्रोटीन में बदलाव हुआ जिसका इस्‍तेमाल वैक्‍सीन शरीर को कोविड के प्रति लड़ने के लिए ट्रेन करने में करती हैं। टेस्‍ट्स ने दिखाया कि क्‍लस्‍टर 5 के प्रति मरीजों की ऐंटीबॉडीज ने हल्‍का रेस्‍पांस दिया।

इसे भी पढ़े   छत्तीसगढ़ : होटल रेस्टोरेंट ,बार 12 जुलाई तक बन्द ,आदेश जारी

SARS-CoV-2 के कितने सैंपल्‍स की सीक्‍वेंसिंग हुई?
SARS-CoV-2 के कितने सैंपल्‍स की सीक्‍वेंसिंग हुई?

नए स्‍ट्रेन की बात सामने आने के बाद ब्रिटेन एक तरह से अलग-थलग हो गया है। हालांकि वाशिंगटन पोस्‍ट का एक एनसलिसिस बताता है कि यूके ने बेहद जिम्‍मेदारी से नए स्‍ट्रेन का सामना किया। वहां नए स्‍ट्रेन की पहचान जल्‍दी इसलिए हो पाई क्‍योंकि उसके यहां दुनिया का सबसे बेहतरीन और व्‍यापक जेनेटिक सीक्‍वेंसिंग प्रोग्राम है। ताजा अपडेट तक यूके ने 1,36,835 वायरस सैंपल्‍स का जेनेटिक एनालिसिस कर लिया था जो कि दुनियाभर में सीक्‍वेंस किए गए सभी सैंपल्‍स का लगभग आधा है।

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

R.O. No. 11359/53

CG Trending News

channel india8 hours ago

गरिमापूर्ण तरीके से मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस, कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए आयोजित होंगे कार्यक्रम

कवर्धा। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 2021 के मुख्य ध्वाजारोहण समारोह आयोजन कवर्धा के पीजी कॉलेज आचार्य पंथ गृंधमुनी नाम साहेब...

channel india8 hours ago

श्रीराम मंदिर निधि समर्पण अभियान में बढ़ चढ़कर सहयोग करें : चंद्रशेखर साहू

गरियाबंद। ग्राम पंचायत श्यामनगर में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए निधि समर्पण अभियान की शुरुआत की गई जिसमें पूरे ग्रामवासियों...

channel india9 hours ago

छतीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री महन्त जी महाराज का जिला धमतरी एवं कांकेर प्रवास

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजेश्री डॉक्टर महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज पीठाधीश्वर श्री दूधाधारी मठ रायपुर...

channel india9 hours ago

कवर्धा शहर के झुग्गी बस्ती ट्रांसपोर्ट नगर में ओपन हॉउस कार्यक्रम आयोजित

कवर्धा। भारत सरकार मंत्रालय महिला एवं बाल विकास विभाग नई दिल्ली एंव चाइल्ड लाइन इंडिया फाउंडेशन के सहयोग से आस्था...

channel india9 hours ago

शर्मनाक: माँ ने अपने ही नवजात को कुल्हाड़ी से कई टुकड़ों में काटा, फिर दौड़ी अस्पताल…

भोपाल: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने सबका दिल दहला दिया हैं। दरअसल, अशोक...

खबरे अब तक

Advertisement
Advertisement