नक्सल क्षेत्रों में भी खुलेंगे इंडस्ट्रीयल पार्क...

नक्सल क्षेत्रों में भी खुलेंगे इंडस्ट्रीयल पार्क...

छत्तीसगढ़ डेस्क

छत्तीसगढ़ में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गांवों में रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क (रीपा) खुलना शुरू हो गए हैं। बीजापुर और दंतेवाड़ा जैसे नक्सल क्षेत्रों में भी 8-8 रीपा खोलने की तैयारी है। इस पर भी काम शुरू हो चुका है। सरकार ने 300 रीपा स्थापित करने का लक्ष्य रखा है।

इसके लिए प्रदेश के बड़े गौठानों के साथ अन्य स्थानों को भी चिन्हित कर लिया गया है। अधिकांश स्थानों पर स्ट्रक्चर खड़े हो चुके हैं जबकि कुछ स्थानों पर प्रोसेसिंग का काम भी शुरू हो चुका है। छत्तीसगढ़ के पहले रीपा का हाल ही में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांकेर जिले के कुलगांव में उद्घाटन भी किया है। सभी रीपा को बनाने में कुल 600 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

इन इंडस्ट्रियल पार्क के माध्यम से गौठानों में वर्मीकम्पोस्ट, मुर्गी पालन, बकरी पालन, कृषि उत्पादों और वनोपजों के प्रसंस्करण के कार्य किये जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में स्वसहायता समूह की महिलाओं और युवाओं को रोजगार और आय के अवसर मिल रहे हैं। पहले चरण में प्रत्येक विकासखण्ड में 2-2 रीपा स्थापित किये जायेंगे।

कुलगांव में पहला रीपा शुरू...

छत्तीसगढ़ के पहले रूरल इंडस्ट्रियल पार्क ने कांकेर जिले के कुलगांव में आकार ले लिया है। इसे गांधी ग्राम का नाम दिया गया है, वहां गौठान को रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित करने का काम महिला स्वसहायता समूह के साथ बखूबी कर दिखाया है। मुख्यमंत्री ने हाल में ही भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान इसका लोकार्पण किया था। राज्य सरकार की मानें तो राज्य की 11 हजार 187 स्व सहायता समूहों की 83 हजार 874 महिलाओं कोे रोजगार मिला है।