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आप भी रहते हैं पीरियड्स में देरी या अनियमितता से परेशान? जिम्मेदार हो सकते हैं ये बड़े कारण



 पीरियड्स में अनियमितता या देरी किसी भी महिला के लिए शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक परेशानी का भी कारण होता है। ऐसे में अगर आप भी हर महीने इस समस्या से परेशान रहती हैं तो कहीं इसके लिए जिम्मेदार ये बड़े कारण तो नहीं? आइए जानते हैं आखिर क्या होता है इरेग्युलर पीरियड्स और क्या है इसके पीछे जिम्मेदार कारण।

इरेग्युलर पीरियड्स क्या है-
पीरियड्स यानी मासिक धर्म महिलाओं में हर महीने होने वाली एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। नियमित रूप से होने वाले मासिक धर्म यह संकेत देते हैं कि शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंग सही तरह से काम कर रहे हैं। आमतौर पर एक औसत पीरियड साइकल यानी मासिक धर्म चक्र 28 दिन लंबा होता है। यदि यह चक्र हर महीने समान अंतराल पर आता है तो इसे नियमित माना जाता है। लेकिन अगर यही चक्र एक महीने में तो लंबा और अगले महीने छोटा हो जाए या फिर पीरियड्स किसी महीने आए और किसी महीने नहीं आए तो यह अनियमित माना जा सकता है।

इरेग्युलर पीरियड्स के लक्षण-
पीरियड्स के चक्र को हॉर्मोन (Hormone) के स्तर में बढ़ोतरी और गिरावट नियंत्रित करती है। इरेग्युलर पीरियड्स की समस्या को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इससे ग्रस्त महिलाओं को कई प्रकार की समस्याएं होने लगती हैं। असामान्य या लंबे समय तक मासिक धर्म के होने से, चेहरे और शरीर पर अत्यधिक बालों का उगना, वजन बढ़ना, मुंहासे, तेल वाली त्वचा आदि पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

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इरेग्युलर पीरियड्स के कारण-

तनाव-
विशेषज्ञ मानते हैं कि तनाव मासिक धर्म चक्र को गड़बड़ा सकता है, इसकी वजह से महिलाओं को पीरियड्स में देरी या जल्दी हो सकती है। दरअसल, ऐसा इसलिए क्योंकि महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन नाम के तीन हार्मोन होते हैं। इन हार्मोंस का संतुलन बिगड़ने का मतलब पीरियड्स में परेशानी शुरू होना होता है। तनाव लेने से उसका सीधा असर एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोंस पर पड़ता है।

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मोटापा-
अधिक वजन या मोटापे के कारण भी महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म जैसी समस्याएं देखी जा सकती हैं। जरूरत से अधिक वजन बढ़ने से भी शरीर में हार्मोन बदलने लगते हैं और इससे पीरियड्स में देरी हो सकती है।

दवाएं-
गर्भनिरोधक गोलियों का सेवन करने से भी मासिक धर्म चक्र पर प्रभाव पड़ता है। ये जन्म नियंत्रण गोलियां अंडाशय के अंडे को रिलीज करने से रोकती हैं। कभी-कभी एंटीडिप्रेसेंट्स का सेवन महिलाओं में मासिक धर्म में देरी या अनियमितता का कारण बन जाता है।

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इसके अलावा लगातार बीमार रहने या थायरॉयड, मधुमेह  की वजह से भी मासिक धर्म में देरी या अनियमितता देखी जा सकती है।

अनियमित पीरियड्स को ठीक करने के घरेलू उपचार-
अदरक-

अदरक का सेवन करने से मासिक धर्म में देरी के उपचार में सहायता मिलती है। इसके लिए एक कप पानी में अदरक का आधा चम्मच उबाल लें। स्वाद के लिए आप इसमें शहद भी मिला सकते हैं। इस मिश्रण का एक माह तक दिन में 3 बार सेवन करें।