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आदिवासी पारंपरिक वैद्यों के बौध्दिक ज्ञान का होगा दस्तावेजीकरण: मंत्री अकबर



कवर्धा। कबीरधाम जिले के चिल्फी में आजीविका संवाद का आयोजन किया गया था. आजीविका संवाद कार्यक्रम में वन मंत्री मोहम्मद अकबर भी शामिल हुए. नवाचार की परिकल्पना औषधीय पौधे और परंपरागत ज्ञान आधारित सतत आजीविका विकास के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम को संबोधित किया.

इस कार्यक्रम के संयोजक वैद्य निर्मल कुमार अवस्थी ने बताया कि वन मंडलाधिकारी, कवर्धा वन मंडल और परंपरागत वनौषधि प्रशिक्षित वैद्य संघ छत्तीसगढ़ के तहत चार दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम में मैकल पर्वत श्रेणी के स्थानीय प्राकृतिक संपदा के आकलन और परंपरागत ज्ञान आधारित आजीविका के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाने की रणनीति बनी.

अंगना जड़ी-बूटी बगिया योजना का संचालन

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मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि वैद्य सुमरन सिंह धुर्वे के मार्गदर्शन में मैकल आजीविका संवर्धन समिति बनाई जाएगी. मैकल पर्वत श्रेणी में निवासरत आदिम जनजाति और स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा के संवाहक परंपरागत वैद्यों का बौध्दिक ज्ञान का दस्तावेजीकरण कर बेब साइड तैयार की जाएगी. छत्तीसगढ़ राज्य की लोक स्वास्थ्य परंपरा के संरक्षण के लिए अंगना जड़ी-बूटी बगिया योजना का संचालन किया जाएगा.

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तुरैया बहरा गांव में समाधान केन्द्र की स्थापना

छत्तीसगढ़ स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा और औषधि पादप बोर्ड रायपुर के माध्यम से तुरैया बहरा गांव में समाधान केन्द्र की स्थापना किया जाना प्रस्तावित किया गया है. इसके साथ ही ग्राम स्वास्थ्य समिति में स्थानीय परंपरागत वैद्यों को शामिल करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार से मांग की गई है.

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257 प्रतिभागियों ने दो चरण में लिया हिस्सा

कबीरधाम जिले के आदिवासी और अन्य समुदायों के पारंपरिक वैद्यों, वनौषधियों के संग्राहकों वन वासियों के अलावा संयुक्त वन प्रबंधन समिति, जैव-विविधता प्रबंधन समिति के सदस्य, स्थानीय स्व सहायता समूह के लोग शामिल हुए थे. कवर्धा वन मंडल के सभी वन वनपरिक्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों सहित 257 प्रतिभागियों ने दो चरण में हिस्सा लिया.